जिलेभर में आज शाम जगह-जगह होलिका दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा ।।

शहर में नगर पालिका परिषद की ओर से सार्वजनिक होलिका दहन का कार्यक्रम स्थानीय छत्रसाल स्टेडियम में रात 9 बजे आयोजित किया गया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार होलिका दहन या पूजन भद्रा के मुख को त्याग करके करना शुभफलदायक होता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन करने का विधान है। इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा का वास रहेगा। इसलिये भद्रा समाप्ति के बाद होलिका दहन करना शुभ फलदायी रहेगा। पंडितों के अनुसार भद्रा सुबह 9.23 से 8.15 मिनट तक रहेगी वहीं कुछ पंचांगों में रात्रि पौने नौ बजे तक भद्रा होना बताया गया है। इस स्थिति में 9 बजे के बाद ही होलिका दहन किया जाना श्रेष्ठ रहेगा। हालांकि कुछ पंडितों का यह भी कहना है कि भद्रा का वास पाताल में रहेगा। इसलिये इसका असर नहीं रहेगा। लेकिन अधिकांश पंडितों का मानना है कि भद्रा समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन करना चाहिए। पूजन विधि होली में आग लगाने से पूर्व होली का पूजन करने का विधान है। जातक को पूजा करते वक्त पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठना चाहिए। पूजन करने के लिए माला, रोली, गंध, पुष्प,कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल पॉच प्रकार के अनाज में गेंहूॅ की बालियॉ और साथ में एक लोटा जल रखना चाहिए। होलिका के चारों ओर सात परिक्रमा कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर सात परिक्रमा करते हुये लपेटना चाहिए। होलिका जलाने से पूर्व विधिवत पूजन करने के बाद जल से अघ्र्य देना चाहिए। सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में होलिका में अग्नि प्रज्जवलित कर दी जाती है, इसके बाद डंडे को बाहर निकाल लिया जाता है। अन्त में सभी पुरूषों को रोली का तिलक लगाना चाहिए। होली की अग्नि को संकने के बाद जली हुई राख को अगले दिन प्रात:काल घर में लाना शुभ रहता है। 


सडक़ किनारे रंगों की सजी दुकानें । 
होली के त्यौहार केा लेकर शहर में सडक़ों के किनारे जगह-जगह रंगों की दुकानें सजी हुई हैं। जिनमें लोग अपनी पसंद के रंगों एवं पिचकारियों की खरीदी कर रहे है । ज्यादातर रंग केमिकल से तैयार होने के कारण उनका उपयोग करना काफी खतरनाक साबित हो सकता है। फिर भी होली में रंगों का विशेष महत्व होने के कारण रंग एवं अबीर की खरीदी लोग बड़े पैमाने पर करते हैं। सीधी शहर में हर साल होली के अवसर पर 20 लाख से ऊपर रंगों की बिक्री कुछ दिनों के अंदर ही हो जाती है। वहीं होली के अवसर पर रंग बिरंगी पिचकारियों की बिक्री भी चल रही है। बच्चों के पसंद केा ध्यान में रखते हुये ज्यादातर व्यवसाइयों ने चाइना की आकर्षक पिचकारी बिक्री के लिये रखा है। जिसकी खरीदी भी लोग काफी पसंद के साथ कर रहे हैं। बच्चों के लिये चाइना मेड पिचकारियां काफी आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। 





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