समय सवेरा न्यूज, सीधी। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बच्चों में रचनात्मक, सृजनशीलता एवं कला के विकास के लिए विद्यालय द्वारा समर कैंप का आयोजन किया गया था 1 मई 2023 से रोज सुबह 8 बजे से 10 बजे तक समर कैंप अपनी-अपनी विधा से संबंधित जानकारी लेने और सीखने आते रहे उसका समापन आज दिनांक 13 मई 2023 को सुबह 10 बजे हुआ।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां वीणा पाणी के समक्ष दीप प्रज्वलन कर माल्यार्पण चढ़ाकर धूप दीप मुख्य अतिथियों द्वारा लगाया गया, तत्पश्चात आए हुए सभी मुख्य अतिथियों का पुष्प गुच्छ एवं माल्यार्पण से स्वागत किया गया स्वागत की कड़ी में ही समर कैंप की लोकगीत की बच्चियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात कथक डांस वाली बच्चियों द्वारा गणेश वंदना गणेश नृत्य के साथ प्रस्तुत की गई। इसी क्रम में अजीता द्विवेदी के मार्गदर्शन में एवं शक्ति श्रीवास्तव की ढोलक कि थाप व ताल पर लोक नृत्य की बच्चियों ने सुंदर लोकनृत्य प्रस्तुत किया एवं 12 दिन में बच्चों ने जितने भी संस्कार पारंपरिक लोकगीत स्थानीय भाषा बघेली में सीखे उनकी झलकियां मंच पर प्रस्तुत की गई जिसे जिला शिक्षा अधिकारी महोदय प्रेम लाल मिश्रा, विकास खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा एवं एपीसी सुजीत मिश्रा एवं एपीसी विष्णु पांडे, प्रभारी प्राचार्य आरती पांडे द्वारा काफी सराहा गया कि आजकल शादी ब्याह में पारंपरिक लोकगीत विलुप्त होते जा रहे हैं कम से कम बच्चों ने इस गीत को सीख कर प्रयास किया है कि वह अपने घर गांव में इन गीतों को गाया सकेंगे लोक संगीत को जीवित रखने के लिए बच्चों का प्रयास बहुत ही अच्छा रहा। इसके बाद कत्थक नृत्य शिवानी चतुर्वेदी मैडम के निर्देशन में बच्चियों ने बहुत सुंदर प्रस्तुति दी जिसे लोग मंत्रमुग्ध होकरके देखते रहे।
इसी बीच इंडिया न्यूज़ चैनल के डायरेक्टर सचिन मिश्रा कार्यक्रम में पधारे उन्हें भी उन्होंने भी लोकगीत की रिकॉर्डिंग की और काफी सराहना की ओर कहे कि हमारे यहां पारंपरिक संस्कार लोकगीत विलुप्त होते जा रहे हैं जिन्हें आगे बढ़ाना बहुत ही आवश्यक है बच्चों का यह प्रयास सराहनीय है।
शिक्षिका अजीता द्विवेदी एवं श्रीमती शक्ति श्रीवास्तव ढोलक वादक के निर्देशन में छात्राओं लोक नृत्य, लोक गीत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत लगातार 12 दिन मैं लोकगीत पारंपरिक स्थानीय बघेली भाषा में सिखाए गए। संस्कार लोकगीत अंजुरी जो शादी में बेटी की बिदाई बिदाई में गाया जाता है, दो सुहाग संस्कार लोकगीत जो बिटिया की शादी में गाया जाता है, गैलहाई लोकगीत, बेलनहाई लोकगीत जो शादी ब्याह में पूड़ी बेलने के समय गाया जाता है, बच्चे के जन्म के बाद लोग बधाई देने घर पर आते हैं उस समय बधाई लोकगीत घरों में गाया जाता है, बच्चे के जन्म के बाद जब रहो मनाया जाता है तथा कुआं पूजन के लिए बच्चे की मां जाती है उस समय कुआं पूजन लोकगीत गाया जाता है जब बच्चा जन्म के बाद बाल में झालर लेकर के बड़ा होता है और उसकी पहली बार सर की झालर उतरती है उसे कहते हैं मुंडन उस समय में मुंडन लोकगीत गाया जाता है मुंडन संस्कार में मुंडन लोकगीत, जब बच्चों की शादी होती रहती है तो उस समय जो दूल्हा बनकर आता है लड़का उसे बनना कहते हैं और उसी के लिए यह बन्ना लोकगीत गाया जाता है, इसके अलावा और भी कई अन्य कई गीत सिखाए गए, जैसे सरस्वती वंदना स्वागत गीत आदि, इसी क्रम में शिवाली चतुर्वेदी के निर्देशन में बच्चियों ने कत्थक की भाव भंगिमाऐं प्रस्तुत की, कत्थक नृत्य, शिव तांडव गणेश वंदना नृत्य, एंकरिंग, रोप आदि विधाएं लगातार बच्चियों को सिखाई जा रही थी जिसमें आलिया बानो का शिव तांडव नृत्य बहुत सराहा गया।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा ने 500 रुपये देकर उस बच्ची को सम्मानित किया। क्रीड़ा प्रभारी नूरू सलाम द्वारा बच्चों को कई खेल खिलाए गया और उनके द्वारा सीखे कुछ बच्चे राज्य स्तर में दूसरे स्थान भी प्राप्त कर चुके हैं इस बात की जानकारी भी दी गई कार्यक्रम में समर कैंप के समापन में सभी शिक्षकों ने बच्चों को अपनी-अपनी विधा से संबंधित निर्देश दिए। कार्यक्रम में उपस्थित प्रभारी प्राचार्य श्रीमती आरती पांडे ने स्वागत भाषण में कहां कि सभी बच्चों ने मन लगाकर लगन के साथ जो कुछ सीखा है या जो कुछ सिखाया गया है उसे गाते रहें और अधिक सीखने का पूरा प्रयास करें यह उनके द्वारा बच्चियों को यह रोज बताया भी जा रहा था।
डॉ सुजीत मिश्रा ने कहा की जो कक्षा 10 एवं 12 में बच्चे हैं वह मन लगाकर आगे पढ़ाई भी करें जिससे उनका आने वाले सत्र में रिजल्ट अच्छा हो क्योंकि बच्चों का मेन उद्देश्य पढ़ाई और अच्छा रिजल्ट लाना है साथ ही इन सब विधाओं को भी समय-समय पर सीखते रहें और अपना भविष्य सफल बनाएं। इसके पश्चात ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा ने विद्यालय की बच्चियां जो लोकगीतों की झलकियां प्रस्तुत की उसे सभी ने बहुत सराहा ब कहा कि मनमोहक प्रस्तुति लोक गीत की रही, आजकल हमारे पारंपरिक लोकगीत शादी विवाह से लुप्त होते जा रहे हैं उसे आप सब जिंदा रखेंगे यह आप सब से उम्मीद रखते साथ ही उन्होंने कहा कि शिव तांडव नृत्य बहुत ही सुंदर रहा जिसके लिए बीईओ साहब ने 500 रुपये नगद राशि आलिया बानो नाम की छात्रा को दी। तत्पश्चात परम आदरणीय जिला शिक्षा अधिकारी सीधी प्रेमलाल मिश्रा ने बच्चियों को सभी बच्चियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सब की प्रस्तुति बहुत ही सराहनीय रही मनमोहक रही, आप सबके लिए सरकार ने शासकीय विद्यालय में समर कैंप चलाने की जो योजना बनाई थी, उसे आप सबने मिलकर सार्थक करके दिखाया।
श्रीमती अजीता द्विवेदी शिक्षिका की तारीफ करते हुए डीईओ साहब ने कहा कि बहुत ही कम समय 12 दिन में इतने सारे पारंपरिक लोकगीत सिखाना बहुत ही मुश्किल कार्य था जिसे आपने बच्चियों को सिखा कर बहुत ही सराहनीय कार्य किया है, निश्चित ही आप बधाई के पात्र हैं आजकल बच्चों में संस्कार जागृत करना एवं संस्कार गीत सिखाना बहुत आवश्यक है साथ ही शिव तांडव वाली बच्ची को भी मंच पर बुलाकर 500 रुपये नगद देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा सीएम राइज विद्यालय सीधी में आकर मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप सबने इतने सुंदर सुंदर अच्छे धार्मिक, संस्कारित गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए जिसे देखकर मेरा मन खुश हो गया और मुझे लगा कि मेरा आना सार्थक रहा। एंकरिंग का प्रदर्शन प्रशिक्षण प्राप्त समर कैंप की छात्रा वैभवी दीक्षित ने किया तथा मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक जय शंकर उपाध्याय एवं हीरा लाल साहू ने किया।
इसी बीच इंडिया न्यूज़ चैनल के डायरेक्टर सचिन मिश्रा कार्यक्रम में पधारे उन्हें भी उन्होंने भी लोकगीत की रिकॉर्डिंग की और काफी सराहना की ओर कहे कि हमारे यहां पारंपरिक संस्कार लोकगीत विलुप्त होते जा रहे हैं जिन्हें आगे बढ़ाना बहुत ही आवश्यक है बच्चों का यह प्रयास सराहनीय है।
शिक्षिका अजीता द्विवेदी एवं श्रीमती शक्ति श्रीवास्तव ढोलक वादक के निर्देशन में छात्राओं लोक नृत्य, लोक गीत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत लगातार 12 दिन मैं लोकगीत पारंपरिक स्थानीय बघेली भाषा में सिखाए गए। संस्कार लोकगीत अंजुरी जो शादी में बेटी की बिदाई बिदाई में गाया जाता है, दो सुहाग संस्कार लोकगीत जो बिटिया की शादी में गाया जाता है, गैलहाई लोकगीत, बेलनहाई लोकगीत जो शादी ब्याह में पूड़ी बेलने के समय गाया जाता है, बच्चे के जन्म के बाद लोग बधाई देने घर पर आते हैं उस समय बधाई लोकगीत घरों में गाया जाता है, बच्चे के जन्म के बाद जब रहो मनाया जाता है तथा कुआं पूजन के लिए बच्चे की मां जाती है उस समय कुआं पूजन लोकगीत गाया जाता है जब बच्चा जन्म के बाद बाल में झालर लेकर के बड़ा होता है और उसकी पहली बार सर की झालर उतरती है उसे कहते हैं मुंडन उस समय में मुंडन लोकगीत गाया जाता है मुंडन संस्कार में मुंडन लोकगीत, जब बच्चों की शादी होती रहती है तो उस समय जो दूल्हा बनकर आता है लड़का उसे बनना कहते हैं और उसी के लिए यह बन्ना लोकगीत गाया जाता है, इसके अलावा और भी कई अन्य कई गीत सिखाए गए, जैसे सरस्वती वंदना स्वागत गीत आदि, इसी क्रम में शिवाली चतुर्वेदी के निर्देशन में बच्चियों ने कत्थक की भाव भंगिमाऐं प्रस्तुत की, कत्थक नृत्य, शिव तांडव गणेश वंदना नृत्य, एंकरिंग, रोप आदि विधाएं लगातार बच्चियों को सिखाई जा रही थी जिसमें आलिया बानो का शिव तांडव नृत्य बहुत सराहा गया।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा ने 500 रुपये देकर उस बच्ची को सम्मानित किया। क्रीड़ा प्रभारी नूरू सलाम द्वारा बच्चों को कई खेल खिलाए गया और उनके द्वारा सीखे कुछ बच्चे राज्य स्तर में दूसरे स्थान भी प्राप्त कर चुके हैं इस बात की जानकारी भी दी गई कार्यक्रम में समर कैंप के समापन में सभी शिक्षकों ने बच्चों को अपनी-अपनी विधा से संबंधित निर्देश दिए। कार्यक्रम में उपस्थित प्रभारी प्राचार्य श्रीमती आरती पांडे ने स्वागत भाषण में कहां कि सभी बच्चों ने मन लगाकर लगन के साथ जो कुछ सीखा है या जो कुछ सिखाया गया है उसे गाते रहें और अधिक सीखने का पूरा प्रयास करें यह उनके द्वारा बच्चियों को यह रोज बताया भी जा रहा था।
डॉ सुजीत मिश्रा ने कहा की जो कक्षा 10 एवं 12 में बच्चे हैं वह मन लगाकर आगे पढ़ाई भी करें जिससे उनका आने वाले सत्र में रिजल्ट अच्छा हो क्योंकि बच्चों का मेन उद्देश्य पढ़ाई और अच्छा रिजल्ट लाना है साथ ही इन सब विधाओं को भी समय-समय पर सीखते रहें और अपना भविष्य सफल बनाएं। इसके पश्चात ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा ने विद्यालय की बच्चियां जो लोकगीतों की झलकियां प्रस्तुत की उसे सभी ने बहुत सराहा ब कहा कि मनमोहक प्रस्तुति लोक गीत की रही, आजकल हमारे पारंपरिक लोकगीत शादी विवाह से लुप्त होते जा रहे हैं उसे आप सब जिंदा रखेंगे यह आप सब से उम्मीद रखते साथ ही उन्होंने कहा कि शिव तांडव नृत्य बहुत ही सुंदर रहा जिसके लिए बीईओ साहब ने 500 रुपये नगद राशि आलिया बानो नाम की छात्रा को दी। तत्पश्चात परम आदरणीय जिला शिक्षा अधिकारी सीधी प्रेमलाल मिश्रा ने बच्चियों को सभी बच्चियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सब की प्रस्तुति बहुत ही सराहनीय रही मनमोहक रही, आप सबके लिए सरकार ने शासकीय विद्यालय में समर कैंप चलाने की जो योजना बनाई थी, उसे आप सबने मिलकर सार्थक करके दिखाया।
श्रीमती अजीता द्विवेदी शिक्षिका की तारीफ करते हुए डीईओ साहब ने कहा कि बहुत ही कम समय 12 दिन में इतने सारे पारंपरिक लोकगीत सिखाना बहुत ही मुश्किल कार्य था जिसे आपने बच्चियों को सिखा कर बहुत ही सराहनीय कार्य किया है, निश्चित ही आप बधाई के पात्र हैं आजकल बच्चों में संस्कार जागृत करना एवं संस्कार गीत सिखाना बहुत आवश्यक है साथ ही शिव तांडव वाली बच्ची को भी मंच पर बुलाकर 500 रुपये नगद देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा सीएम राइज विद्यालय सीधी में आकर मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप सबने इतने सुंदर सुंदर अच्छे धार्मिक, संस्कारित गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए जिसे देखकर मेरा मन खुश हो गया और मुझे लगा कि मेरा आना सार्थक रहा। एंकरिंग का प्रदर्शन प्रशिक्षण प्राप्त समर कैंप की छात्रा वैभवी दीक्षित ने किया तथा मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक जय शंकर उपाध्याय एवं हीरा लाल साहू ने किया।
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