सीधी। नोट छापने की बेसब्री में सरपंच सचिव ने कोरे बिल पर ढाई लाख रुपए का आहरण कर लिया। इतना ही नहीं एक बिल का तो तीन बार प्रयोग किया गया और ताजुब की बात तो यह है कि जनपद सीईओ भी इस बात से अनजान रहे। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत सीधी अंतर्गत ग्राम पंचायत चौफाल कोठार मैं सरपंच श्रीमती शोभा यादव और सचिव केदार सिंह की जुगलबंदी में भ्रष्टाचार के एक अनोखे कारनामे को अंजाम दिया गया। ग्राम पंचायत चौफाल कोठार मे ई भुगतान आदेश क्रमांक 3096700 दिनांक 11 मार्च 2024 के अंतर्गत बिल क्रमांक 2619 और 2619 में मेसर्स रोशन लाल गुप्ता ग्राम गोतरा को क्रमशः 5500 का भुगतान किया गया है जबकि यह दोनों ही बिल कोरे हैं इनमें किसी भी तरह की प्रविष्टि जैसे दिनांक, खरीददार का नाम, सामग्री, कीमत और मंत्र का उल्लेख नहीं किया गया है।
इसी तरह ई भुगतान आदेश क्रमांक 3092 741 दिनांक 4 मार्च 2024 को बिल क्रमांक 2618 और 2619 मैं मेसर्स रोशन लाल गुप्ता गोतरा को क्रमशः 125000 रुपए और 125000 रुपए का भुगतान आहरित किया गया है जबकि दोनों ही बिल पूरी तरह से कोरे हैं। अब सवाल यह उठता है कि ऑनलाइन भुगतान होने के बावजूद आखिर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ऐसे भुगतान पर अपनी सहमति कैसे जाता दी है जबकि इस पर रोक लगाना उनका दायित्व है। वही ग्राम पंचायत चौपाल कोठार के सरपंच श्रीमती शोभा यादव और सचिव केदार सिंह की महत्वाकांक्षा पर गौर किया जाए तो इनके द्वारा केवल तीन बिलों ही नहीं बल्कि भुगतान आदेश क्रमांक 316053, ई भुगतान आदेश क्रमांक 3144 987 दिनांक 12 /5./2024 एक लाख रुपए, ई भुगतान आदेश क्रमांक 31 29 958 दिनांक 22 अप्रैल 2024 70000 रुपए, ई भुगतान आदेश क्रमांक 31 2394 दिनांक 13 अप्रैल 2024 एक लाख रुपए, ई भुगतान आदेश क्रमांक 3119107 दिनांक 8 अप्रैल 2024 को 99994 रुपए 81 पैसे, ई भुगतान आदेश क्रमांक 3114897 दिनांक 2 अप्रैल 2024 को 119326 रुपए और ई भुगतान आदेश क्रमांक 3111165 दिनांक 27 मार्च 2024 को 216000 किए गए भुगतान के बिल स्पष्ट नहीं है और कई भुगतानों में भी एक ही बिल का उल्लेख किया गया है जो फर्जी बिल होने का स्वयं प्रमाण है लेकिन अचरज की बात है कि बिल साफ ना होते हुए भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीधी ने इन भुगतानों पर रोक नहीं लगाई है।



