सीधी। कलेक्टर अभिषेक सिंह के स्थानांतरण को रद्द कराने को लेकर शहर एवं जिले के युवा विगत दो दिनों से काफी आक्रोषित हैं और जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। 8 अगस्त को आक्रोषित युवाओं द्वारा कलेक्टर परिसर का घेराव किया गया एवं 9 अगस्त को शहर बंद कराया गया एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल से मिलने की कोशिश की गई। उधर शहर के युवाओं द्वारा 8 अगस्त से शहर के गांधी चौराहे में स्थित गांधीजी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन किया जा रहा था। 9 अगस्त की रात को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र सिंह भदौरिया एवं युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजना मिश्रा द्वारा युवाओं को समझाइस देकर अनशन तुड़वाया गया। काफी चर्चा के बाद युवाओं ने आमरण अनशन तोडऩे का निर्णय लिया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक कि सरकार अभिषेक सिंह का स्थानांतरण आदेश रद्द नहीं कर देती। चर्चा यह भी है कि कल 11 अगस्त को सीधी शहर एवं सीधी-सिंगरौली रोड में चक्काजाम किया जायेगा। युवा वर्ग कलेक्टर के स्थानांतरण को लेकर काफी आक्रोषित है और वह किसी की बात नही सुन रहा है। युवाओं का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नही हो जाती तब तक हम लोग अपने तरीके से आंदोलन एवं प्रदर्शन करते रहेंगे।
-----आना नहीं चाहते कलेक्टर-----
7 जुलाई की रात कलेक्टर अभिषेक सिंह के स्थानांतरण का आदेश सोशल मीडिया के माध्यम से जिले के लोगों तक पहुंचा और 8 अगस्त को सुबह कलेक्टर अपना प्रभार देकर भोपाल रवाना हो गये। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर अभिषेक सिंह को नवपदस्थ कलेक्टर के प्रभार लेने तक के लिये कमिश्रर रीवा ने जिले में कार्य करने हेतु निर्देशित किया था किंतु उनके द्वारा मना कर दिया गया और अपना प्रभार देकर वापस चले गये। बताया जा रहा है कि कलेक्टर अभिषेक सिंह सीधी वापस आना नहीं चाहते। उन्होंने स्पष्ट रूप से अपने शुभचिंतकों को यह संदेश दे दिया है कि वह अब सीधी नही आयेंगे। भोपाल में ही रहेंगे। चर्चा यह भी है कि बेहतर काम करने पर एवं जिले की जनता की समस्याओं को दूर करने के बाद भी जब यहां के नेताओं को उनका काम पसंद नही आया इस कारण वह आना नहीं चाहते।
