🔥 जिले भर में कल होली के त्यौहार की रहेगी धूम 🔥

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में त्यौहार को लेकर उत्साह

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सीधी। होली के त्यौहार पर कल चहुंओर रंग और गुलाल बरसेंगे। रंगों का यह त्यौहार लोगों के बीच आपसी सद्भावना और प्रेम को बढ़ानें वाला माना जाता है। त्यौहार पर हर घर में विशेष व्यंजन एवं पकवान बनानें व खिलानें की पुरानी परंपरा रही है। जिसके चलते लोगों द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं। रंगों का त्यौहार होनें के कारण बाजारों में सबसे ज्यादा मांग रंग, गुलाल, अबीर एवं पिचकारी की रही। बच्चों एवं युवाओ द्वारा अपनी मन पसंद की सामग्रियों की खरीदी की गई है। जिससे सुबह से ही उन्हें रंग और गुलाल खेलनें का मौका मिल सके। होरियारों की टोलियों में भी त्यौहार को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। होली का त्यौहारोत्सव सभी के जीवन मे बहुत सारी खुशियां और रंग भरता है लोगों के जीवन को रंगीन बनाने के कारण इसे आमतौर पर रंग महोत्सव कहा गया है। यह लोगो के बीच एकता और प्यार लाता है। इसे प्यार का त्यौहार भी कहा जाता है। यह एक पारंपरिक और सांस्कृतिक हिंदू त्यौहार है जो प्राचीन समय से पुरानी पीढिय़ों द्वारा मनाया जाता रहा है और प्रत्येक वर्ष नयी पीढ़ी द्वारा इसका अनुकरण किया जा रहा है। यह एक प्यार और रंगो का त्यौहार है जो प्रत्येक वर्ष हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा आनन्द और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह मन को तरोताजा करने का त्यौहार है, जो न केवल मन को तरोताजा करता है बल्कि रिश्तों को भी करता है। यह ऐसा त्यौहार है जिसे लोग अपने परिवार के सदस्यो और रिश्तेदारों के साथ प्यार और स्नेह वितरित करके मनातें हैं जो उनके रिश्तों को भी मजबूती प्रदान करता हैं। यह एक ऐसा त्यौहार हैं जो लोगों को उनके पुराने बुरे व्यवहार को भुला कर रिश्तों की एक डोर मे बांधता हैं। इस दिन लोग लाल रंग और लाल गुलाल का प्रयोग करते है जो केवल लाल रंग नही है बल्कि एक दूसरे से प्यार और स्नेह का भी प्रतीक हैं। वास्तव मे यह न केवल लोगों को बाहर से रंगता हैं बल्कि उनकी आत्मा को भी विभिन्न रंगों मे रंग देता हैं। इसे साधारण त्यौहार कहना उचित नही है क्योंकि यह बिना रंगे व्यक्तियों को रंग देता हैं। यह लोगों के व्यस्त जीवन की सामान्य दिनचर्या मे एक अल्पविराम लाता हैं। यह भारतीय मूल के हिंदुओं द्वारा हर जगह मनाया जाता है हालांकि यह मुख्य रूप से भारत और नेपाल के लोगों द्वारा मनाया जाता है। यह एक त्यौहारी रस्म है जिसमे सब एक साथ होलिका के अलाव को जलाते है गाना गाते है और नाचते है इस मिथक के साथ कि सभी बुरी आदतें और बुरी शक्तियॉ होलिका के साथ जल गयी और नई ऊर्जा और अच्छी आदतों से अपने जीवन में उपलब्धियों को प्राप्त करेंगें। अगली सुबह उनके लिये बहुत खुशियॉ लेकर आती है जिसे वे पूरे दिन रंग और जुआ खेलकर व्यक्त करते हैं। होली खेलने के लिए वे खुले सड़क, पार्क और इमारतों में पानी की बंदूकों पिचकारी और गुब्बारे का उपयोग करते है। कुछ संगीत वाद्ययंत्र गीत गाने और नृत्य करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं। वे अपना पूरा दिन रंग, गायन, नृत्य, स्वादिष्ट चीजें खाने, पीने, एक-दूसरे के गले मिलने, दोस्तों के घर पर मिलने और बहुत सारी गतिविधियों मे व्यतीत करते है।

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 कोरोना ने लगाई बंदिशें, पुलिस की चौकसी-
रंगों का त्यौहार होली पर कोरोना के चलते कई तरह की बंदिशें लग गई हैं। लोग सार्वजनिक तौर पर भीड़भाड़ के साथ होली का त्यौहार नहीं मना सकेंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से गाईडलाइन भी निर्धारित कर दी गई है। कल होली के त्यौहार पर पुलिस की चौकसी काफी तेज रहेगी। पुलिस प्रशासन की ओर से त्यौहार पर सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। बाजार क्षेत्रों एवं मुख्य मार्गों में पुलिस बल की ड्यूटी प्वाइंट बनाकर लगाई गई है। वहीं पुलिस की मोबाईल पार्टियां भी सुबह से लेकर रात में भी लगातार गश्त में रहेंगी। प्रशासन द्वारा लोगों से पहले ही अनुरोध किया जा चुका है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते घर पर ही रह कर होली का त्यौहार मनाएं। घर से बाहर भीड़भाड़ में होली मनानें से कोरोना संक्रमण का खतरा गंभीर हो जाएगा। ऐसे में सभी लोग अपने परिवार के बीच घर में होली के त्यौहार को मनाएं तथा घर से बाहर निकलनें में परहेज करें। कोरोना के खतरे के चलते ज्यादातर लोग घर मेें ही त्यौहार पर रहनें का मन बना चुके हैं। घर से बाहर निकलनें पर हुड़दंगों की टोलियों का निशाना बननें का खतरा तो रहता ही है साथ ही लोगों की भीड़ के चलते कोरोना का फैलाव भी होने का खतरा इस बार गंभीर रूप से बना हुआ है। शहर से लेकर गांव तक में होली के त्यौहार को लेकर लोगों में जहां उत्साह है वहीं कोरोना के खतरे के चलते लोगों में बाहर निकल कर होली न मना पानें का मलाल भी है। फिर भी लोग सुरक्षित तरीके से होली मनानें के लिए अपना कार्यक्रम निर्धारित किए हुए हैं।

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होलिका दहन का हुआ आयोजन -
जिले भर में आज रात होलिका दहन कार्यक्रम का आयोजन शुभ मुहूर्त में किया गया। जिला मुख्यालय में छत्रसाल स्टेडियम में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी होलिका दहन कार्यक्रम का आयोजन नगरपालिका परिषद की ओर से किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। होलिका दहन के पश्चात मौजूद लोगो ने एक दूसरे को अबीर लगाकर होली के त्यौहार की बधाई दी। होलिका दहन के बाद से ही रंग पंचमी का शुभारंभ भी हो चुका है। कुछ स्थानो पर होलिका की राख से अबीर लगाकर त्यौहार की शुभकामनाएं दी गईं।



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