सीधी में इस बार बीजेपी के लिए टेढ़ी राह, टिकट कटने से नाराज केदारनाथ 2 अक्टूबर को लेंगे फैसला

सीधी में इस बार बीजेपी के लिए टेढ़ी राह, टिकट कटने से नाराज केदारनाथ 2 अक्टूबर को लेंगे फैसला

समय सवेरा न्यूज, सीधी। मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव के लिए जारी बीजेपी की दूसरी सूची कहीं कहीं असंतोष पैदा कर रही है। सीधी में सिटिंग विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट कटने से वो बेहद नाराज हैं। उनका टिकट सांसद रीति पाठक को दे दिया गया है। प्रत्याशी भले ही बदल दिया हो लेकिन इस सीट पर बीजेपी ने ब्राह्मण प्रत्याशी पर ही भरोसा जताया है।

सिर्फ नाम की सीधी

सीधी विधानसभा सीट का नाम सीधी जरूर है लेकिन यह विधानसभा सीट राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए हमेशा टेढ़ी - मेढ़ी रही है। 2008 से लगातार बीजेपी से विधायक रहे केदारनाथ शुक्ला का इस दफा टिकट कट गया है। उनकी जगह सीधी सांसद रीति पाठक को इस विधानसभा सीट से बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है। जबकि रीति पाठक सिहावल विधानसभा से ताल्लुक रखती हैं। यह पहला मौका है जब इस विधानसभा सीट से महिला सांसद को विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया गया है।

केदारनाथ की नाराजगी हार जीत की चाभी

1990 में निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद केदारनाथ शुक्ला ने सीधी विधानसभा क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। इस विधानसभा सीट के मतदाता राजनीतिक दलों को छोड़ निर्दलीय प्रत्याशी पर इसके पहले भी भी अपना भरोसा जता चुके हैं। ऐसे में केदारनाथ शुक्ला की यह नाराजगी सीधी विधानसभा सीट की हार जीत की चाभी मानी जा रही है। यही वजह है कि सांसद रीती पाठक भी अपने आप को छोटा और सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला को बड़े बुजुर्ग और पिता तुल्य का दर्जा दे रही हैं। मान रही है कि उनके आशीर्वाद से ही सीधी विधानसभा सीट में विजयी होंगी।

षड़यंत्र का आरोप

केदारनाथ शुक्ला ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा सीधी विधानसभा सीट पर एक बड़े षड्यंत्र के जरिए मेरा टिकट काटा गया। अन्य जगह की परिस्थितियां अलग हैं। लोग अपने तौर तरीके से जीत का प्रयास कर रहे हैं लेकिन सीधी में तो बीजेपी स्वयं दूसरों को वॉकओवर दे रही है। पार्टी नेतृत्व ने सीधी में जिस तरीके से टिकट दिया है उसका नतीजा क्या होगा वो भली भांति सभी जानते हैं। पार्टी की इस व्यवस्था में खोट है।

केदारनाथ की नाराजगी मेरे लिए आशीर्वाद

विधायक केदारनाथ शुक्ला अपने कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर रहे हैं। वो 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर बड़ा फैसला ले सकते हैं। सांसद रीति पाठक मान रही हैं कि पार्टी नेतृत्व ने लोकसभा से अचानक विधानसभा में मुझे क्यों उतरा इसकी कोई वजह नहीं है। सिर्फ पार्टी नेतृत्व का फैसला है जिसे हम सब स्वीकार कर पालन कर रहे हैं। केदारनाथ शुक्ला की नाराजगी पर रीति ने कहा हर एक दिन चुनौतियों से भरा हुआ है। उनकी नाराजगी ही मेरे लिए आशीर्वाद है। वह बड़े बुजुर्ग हैं पार्टी में वरिष्ठ नेता हैं ऐसे में उनके बातों का बुरा मुझे नहीं लग रहा है।

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