लालता चौक में देशी कट्टा लहराकर दहशत फैलाने वाला शातिर अपराधी धराया ।

- पुलिस पर भी फायर करने का किया प्रयास ।
- रीवा के बदमाश पर लूट के भी दर्ज हैं मामले ।
सीधी। शहर के लालता चौक में देशी कट्टा लहराते हुये आने-जाने वाले लोगों को भयभीत कर रहे रीवा के शातिर बदमाश को जब पुलिसकर्मियों ने सूचना मिलने पर गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो पुलिस पर भी उसने फायर करने की कोशिशें की। पुलिसकर्मियों द्वारा तत्परतापूर्वक घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया गया। पूछतांछ में पुलिस को मालुम पड़ा कि रीवा शहर के गुढ़ चौराहे के रहने वाले उक्त शातिर बदमाश पर पूर्व में भी लूट के मामले दर्ज थे। आरोपी का रीवा से एक वर्ष तक जिला बदर भी किया गया था। घटना के संबंध में मामले के सिटी केातवाली थाना के सहायक उपनिरीक्षक डीके रावत ने बताया कि शनिवार अपरान्ह 3 बजे चुनाव संबंधी मीटिंग से छूटने के बाद मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि शहर के लालता चौक में एक व्यक्ति नीले कलर का जींस का सर्ट व नीले कलर का पैंट पहने हुये है और हाथ में एक कट्टा लिये लहराते हुये लोगों के बीच दहशत बना रहा है। सूचना पर वाहन के साथ मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी की घेराबंदी कर पकड़ा और नाम पूंछा तो मालुम पड़ा कि नीरेन्द्र उर्फ बेटा पिता बब्बू स्वीपर 32 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 28 गुढ़ चौराहा रीवा का रहने वाला है। आरोपी को लेकर जब पुलिस टीम ने चलने का प्रयास किया तो पुलिस पर भी उसने फायर करने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसके कब्जे से देशी कट्टा 315 बोर एवं एक जिंदा कारतूस जप्त कर लिया। जिंदा कारतूस एवं देशी कट्टा के संबंध में आरोपी ने कोई भी वैध कागजात होना नहीं बताया। आरोपी के विरूद्ध वर्ष 2001 में धारा 392, 394, 397 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध है एवं थाना केातवाली रीवा का एक वर्ष का जिला बदर का आरोपी होना पाया गया। सिटी कोतवाली थाना सीधी मे आरोपी के विरूद्ध 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। 


रासुका के तहत भी हुई कार्रवाई
सहायक उपनिरीक्षक डीके रावत ने बताया कि आरोपी बेटा उर्फ नारेन्द्र पिता बबलू स्वीपर 32 वर्ष निवासी गुढ़ चौराहा रीवा के विरूद्ध न्यायालय जिला दण्डाधिकारी रीवा के प्रकरण क्रमांक 12/ दाण्डिक/ 2018 दिनांक 1 अक्टूबर 2018 के प्रकरण में रीवा जिले एवं उससे लगे सीमावर्ती जिले सीधी, सतना, सिंगरौली की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष की अवधि में निष्कासित किया गया है। आरोपी द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना की गई है तथा मप्र सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध पाया गया है जिसके तहत धारा 188 आईपीसी मप्र सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14 का अपराध भी पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। 
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