जीएसटी नियमों के संशोधन के विरोध में बंद रही शहरी क्षेत्रों में दुकानें
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सीधी। मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोशिएसन के आव्हान पर आज जहां सीधी प्रदेश भर में 24 घंटे तक बसों का संचालन ठप्प रहा। वहीं कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के जीएसटी के कुछ प्रावधानों के विरोध में आज देश और प्रदेश के साथ ही सीधी जिले में भी दुकानें बंद रही। यह अवश्य रहा कि छोटी दुकानें कहीं-कहीं खुली नजर आई। बसों के आज सुबह 5 बजे से पहिए थम जाने से यात्रियों की भारी फजीहत हुई। आवश्यक कार्यों के सिलसिले में घर से निकले लोग रास्तों में फंसे नजर आए। जिला आटो संघ द्वारा भी बस हड़ताल का समर्थन किया गया था। ऐसे में अपने गंतव्य तक पहुंचने कि लिए यात्री वैकल्पिक साधनों की तलाश करते भटकते रहे। कई बाहरी यात्री बस स्टैंड में फंसने के बाद काफी परेशान रहे। मालूम रहे कि प्रदेश में संचालित यात्री बसों का किराया 50 फीसद बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को सीधी जिले में करीब 250 बसों के पहिए थमे रहे। 24 घंटे की बस संचालकों की हड़ताल केे चलते आज सुबह 5 बजे से लेकर शनिवार सुबह 5 बजे तक बसों का संचालन पूरी तरह से ठप्प रहा। जिला बस एसोशिएसन सीधी के पदाधिकारियों ने चर्चा के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बस मालिकों की समस्याओं का नहीं समझ रहे हैं। इसलिए किराया बोर्ड की बैठक के चार महीने बाद भी बसों का 50 फीसद किराया नहीं बढ़ाया है। डीजल 90 रुपये तक पहुंच गया है। अन्य खर्चे भी बढ़ गए हैं। बसों का संचालन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जब तक प्रदेश में संचालित यात्री बसों का किराया नहीं बढ़ेगा, तब तक घाटे की पूर्ति नहीं होगी। वहीं आरटीओ एवं पुलिस के दस्ते द्वारा सीधी हादसे के बाद निजी बस मालिकों को जरा-जरा सी खामियां निकाल कर समन शुल्क वसूलने व बसों को जब्त करने की कार्यवाही कर रहे हैं। इससे बस मालिक परेशान है और मजबूरी में हड़ताल का फैसला लेना पड़ा है। उधर जीएसटी के नए नियम प्रावधानों के विरोध में व्यवसाईयों द्वारा आज बुलाए गए बंद का शहरी क्षेत्र में जहां असर देखा गया वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर नहीं रहा। तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों में करीब 25 फीसदी दुकानें ही बंद रही। शेष 75 फीसदी दुकानें रोजाना की तरह खुली रहीं। जिला मुख्यालय सीधी में पहली मर्तबा बाजार 90 फीसदी बंद रहा। बड़ी दुकानें पूरी तरह से बंद रही। मात्र 10 फीसदी दुकानें ही खुली देखी गई। मुख्य बाजार में तो अधिकांश दुकानों के बंद रहनें से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कें पूरी तरह से सूनी नजर आई। आज बंद के चलते बाजार क्षेत्र में फुटपाथी अधिकांश कारोबारियों की दुकानें भी बंद रही। बाजार क्षेत्र की सड़कों में जहां बहुतायत में ठेले लगाकर सामान बेंचे जाते थे आज वह भी बंद नजर आए। बाजार क्षेत्र में चहल-पहल न रहने से जो छोटी दुकानें खुली भी थी उनका कारोबार प्रभावित रहा।

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