सीधी (बघवार)। बहुउद्देशीय विद्युत बाणसागर परियोजना के नहर मार्ग पर असामयिक घटनाओं का क्रम जारी है, बीते बीस मई को नहर में फिसल कर अल्ट्राटेक सीधी सीमेंट प्लांट के माइंस विभाग में कार्यरत 48, वर्षीय ड्राइवर गुलाब पटेल, पिता रामकृष्ण पटेल निवासी ग्राम पुतरिहा, थाना कमर्जी, चुरहट जिला सीधी काल की गाल में समा गया। पुलिस चौकी प्रभारी पिपरांव की सूचना अनुसार सीधी तथा रीवा के प्रशासनिक मशक्कत के तीन दिन बाद मृतक का पार्थिव शरीर सिलपरा रीवा डैम में बरामद किया गया।
ज्ञातव्य है कि सतना शहडोल जिले को सीमा से संचालित देवलौद बाणसागर परियोजना का नहर मार्ग सीधी जिले के पश्चिमी सीमावर्ती ग्राम पटना से बघवार होते हुए रीवा जिले में प्रवेश करता है, जहां डैम स्थापित कर विद्युतीकरण का कार्य किया जाता है। अल्ट्राटेक सीधी सीमेंट के समीप से चलित नहर मार्ग ग्रामीणों के आवागमन का इकलौता है, जहां घटनाओं तथा दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। बीते पांच साल की समयावधि में बस के डूब जाने से एक साथ जहां 60, की संख्या में जन समाधि हुई थी, वहीं दूसरी तरफ घटित घटनाओं में दर्जनों परिवार का जन जीवन काल कवलित हो चुका है। पशुधन की संख्या भी सैकड़ों की संख्या में है। बस की घटना घटित होने के पश्चात समूचा मध्यप्रदेश शासन देखा भी गया, आनन-फानन बघवार व पटना ग्राम सीमा के नहर मार्ग पर भारी वाहनों की रोकथाम के लिए बेरीकेट लगाया गया,जो एक माह बाद टूट गया, हालांकि बघवार के पास नमूना विद्यमान है।ऐसी स्थिति में एक तरफ जहां नहर मार्ग के किनारे पटना से बघवार के बीच बाउंड्री वॉल निर्मित न होने से असामयिक घटनाओं का ग्राफ बढ़ते क्रम में है,साथ ही नहर मार्ग की पिपरांव, तथा धौरहरा पुल कभी रोंगटे खड़ा कर देने वाली घटनाओं को निमंत्रण देने में अव्वल रूप से परिलक्षित हैं। वहीं दूसरी तरफ नहर मार्ग के किनारे रिक्त भूमि पर अनाधिकृत रूप से आवासीय कब्जा कर लिए जाने से भी घटनाओं को बढ़ावा मिलने लगा है। प्रशासनिक अधिकारियों की मूकदर्शिता तथा अनदेखी से नहर मार्ग तथा जगह-जगह बनी सीढ़ियों का हाल बेहाल हो गया है। शासन की ओर से होने वाले पुख्ता इंतजाम के अभाव में नहर मार्ग ग्रामीणों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। जारी विज्ञप्ति की ओर पुनः शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट है।

